22 मई से उत्तर प्रदेश में जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। इससे पहले 7 मई से स्वणगना यानी खुद ही ऑनलाइन सारा विवरण भरने का विकल्प मिलेगा। इस जनगणना में 33 बिंदुओं पर जानकारी देनी होगी।
साल 2011 की जनगणना के बाद इस जनगणना का पहला चरण 22 मई से शुरू होना है। इसके लिए जिलों में प्रशिक्षण चल रहा है। लखनऊ निवासी अब सदस्य घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से पूरी जानकारी भर सकते हैं। बाद में इसके सत्यापन के लिए एन्यूमेरेटर घर आएंगे।
जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से पूरे प्रदेश में सुपरवाइजर, प्रगणक एवं अन्य स्टॉकहोल्डर्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान अहम फोकस हाउस सर्वे में पूछे जाने वाले 33 सवालों A yo पर है। प्रशिक्षण में प्रगणकों को यह भी बताया जा रहा है कि क्या जानकारी नहीं भरनी है।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनगणना-2027 के पहले चरण में होगी। इसमें 7 से 21 मई तक स्व-जनगणना कराई जाएगी। प्रशासन द्वारा इस बार डिजिटल और ग्राउंड टीम का संयुक्त मॉडल तैयार किए जाने के बाद नागरिक घर बैठे स्वयं ही जानकारी भर सकेंगे और बाद में फील्ड टीमें उसका सत्यापन करेंगी। इस बीच पूरा फोकस इस बात पर होगा कि कोई भी परिवार छूट न जाए।
जनगणना के लिए वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन
स्व-जनगणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाएं। यहां ‘Self Enumeration’ या ‘Register’ के विकल्प तक पहुंचें।
अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP मिलने पर वेरिफिकेशन करें। इसके बाद यूजर आईडी और पासवर्ड बन जाएगा, जिससे आप लॉगइन कर सकेंगे।
लॉगइन के बाद अब सबसे पहले ‘Household’ यानी परिवार का प्रोफाइल बनाएं। इसमें आपके घर का पता, मकान का प्रकार, बिजली-पानी जैसी बुनियादी जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद घर में रहने वाले सभी सदस्यों का विवरण भरें। यह विवरण भरते समय नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा, पेशा, वैवाहिक स्थिति की जानकारी देनी होगी।
ध्यान रहे कि इस जानकारी को सावधानीपूर्वक और सही भरें। बाद में इसी का वेरिफिकेशन किया जाएगा।
पूरा फॉर्म भरने के बाद इसे Submit का बटन दबाकर यूनिक आईडी सेव करें।
सबमिट करते ही एक यूनिक एन्यूमरेशन आईडी (Reference ID) जनरेट होगी। इसका स्क्रीनशॉट लेकर या लिखकर सुरक्षित रखें। बीएलओ इसी आईडी से आपका डेटा चेक करेगा।
यदि बीच में कुछ भरना रह गया तो इसे बाद में भी भर सकते हैं।
यदि आप एक बार में पूरा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं, तो ‘Save & Exit’ का विकल्प प्रयोग करें। बाद में फिर लॉगइन करके आप वहीं से फॉर्म पूरा कर सकते हैं।
फॉर्म भर जाने के बाद आपके क्षेत्र का एन्यूमेरेटर आपके घर आकर जानकारी का वेरिफिकेशन करेगा। किसी जानकारी में गलती होने पर उसे वहीं सुधार दिया जाएगा।
फिर भी यदि वेबसाइट चलाने में असुविधा हो रही है, तो अपने क्षेत्र के बीएलओ, नगर निगम कर्मचारी या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मदद ले सकते हैं।
इसके अलावा प्रशासन की तरफ से भी कई जगह हेल्प डेस्क और कैंप की व्यवस्था की जा रही है।
जनगणना की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए लखनऊ में करीब 12 हजार एन्यूमेरेटर की टीम बनाई गई है। प्रत्येक एन्यूमेरेटर को एक क्षेत्र दिया गया है, जिसमें उसे 150 से 200 परिवार के बीच काम करना है।
एन्यूमेरेटर के अलावा नगर निगम के पार्षद, कर्मचारी और आंगनबाड़ी टीमें भी इस अभियान में सहयोग करेंगी। लोगों को जागरूक करने पार्षद अपने वार्ड का दौरा करेंगे साथ ही निगरानी भी करेंगे।
तकनीकी सहयोग के लिए नगर निगम कर्मचारी कैंप लगाकर लोगों की सहायता करेंगे। महिलाओं और परिवारों को स्व-जनगणना के लिए प्रेरित करने के लिए भी ये टीमें घर-घर जाकर दौरा करेंगी और जरूरत के मुताबिक़ फॉर्म भरने में सहायता करेंगी।