शीर्ष अदालत द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भिखारियों के आश्रयगृहों में स्वच्छता और साफ-सफाई के न्यूनतम मानक तय करने का निर्देश दिया। इसमें स्वच्छ पानी की उपलब्धता, शौचालय, उचित नाली व्यवस्था और कीट व मच्छर नियंत्रण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

भिखारियों के लिए राज्य संचालित आश्रयगृह को कोई इच्छा से दिया गया दान न बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक सांविधानिक जिम्मेदारी कहा है। इस मामले में कोर्ट ने निर्देश दिया कि इन आश्रयगृहों में गरिमापूर्ण जीवन की स्थितियां लगातार सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हर दो साल में भिखारियों के आश्रयगृहों का स्वतंत्र और तीसरे पक्ष से निष्पक्ष ऑडिट की बात भी कही है।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि भिखारियों के लिए गरिमापूर्ण जीवन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। अदालत के मुताबिक़, भिखारियों के लिए राज्य द्वारा संचालित आश्रयगृह कोई ऐच्छिक दान नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह आदेश दिल्ली के सीलमपुर में भिखारियों के आश्रयगृह में बीमारी के मामले के बाद दिया है।
अदालत ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए गरिमा के साथ जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को सही मायने में सुनिश्चित किए जाने की बात कही। जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ का कहना है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने नियंत्रण में भिक्षावृत्ति करने वाले के लिए बने आश्रयगृहों और इसी तरह के संस्थानों में सुधारों को लागू करें।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गरीब और बेसहारा लोगों के प्रति राज्य की जिम्मेदारी सकारात्मक होनी चाहिए। पीठ ने ऐसे आश्रयगृहों में मानवीय परिस्थितियां बनाए रखने में विफलता को केवल प्रशासन की लापरवाही के बजाए जीवन के साथ गरिमा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन भी कहा है।
इसके अलावा अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि भिखारियों के हर आश्रयगृह में भर्ती होने वाले व्यक्ति का चौबीस घंटे के भीतर किसी योग्य डॉक्टर से अनिवार्य रूप से मेडिकल परीक्षण किया जाना चाहिए। हर महीने इन सभी की स्वास्थ्य जांच और के साथ संक्रामक व पानी से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम, पहचान और नियंत्रण के लिए एक विशेष व्यवस्था की बात भी अदालत ने कही।
बताते चलें कि अदालत का यह निर्देश तब आया है जब दिल्ली के सीलमपुर में भिखारियों के आश्रयस्थल में पीने और भोजन बनाने के पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की वजह से हैजा और गैस्ट्रोएंटेराइटिस की बामारी फैली।














