अरब देशों में ऊंटों के ब्यूटी पेजेंट में बोटॉक्स और प्लास्टिक सर्जरी दिखने लगी हैं। इन प्रतियोगिताओं में ऊंट के प्राकृतिक रूप, जैसे- चमकदार कोट, लंबी गर्दन, और कूबड़ की बनावट को परखा जाता है न कि कृत्रिम सुंदरता को।

अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्यूटी पेजेंट सदियों पुरानी परंपरा है, लेकिन हाल के सालों में आर्टिफिशियल ब्यूटी स्कैंडल्स की वजह से ये कॉम्पिटिशन विवादों में आ गए हैं।
पिछले महीने, ओमान के अल-मनसाना शहर में हुए कैमल ब्यूटी शो फेस्टिवल 2026 से 20 ऊंटों को डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में ओमान के ‘कैमल ब्यूटी शो फेस्टिवल’ में एक बड़ा स्कैंडल उस समय सामने आया जब 20 ऊंटों को बोटॉक्स, प्लास्टिक सर्जरी और अन्य कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट के उपयोग के कारण प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिया गया। इन ऊंटों को ‘कंबल कर्दाशियन्स’ (Camel Kardashians) भी कहा जा रहा है।
जानवरों के डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि कई ऊंटों पर बोटॉक्स, लिप फिलर, सिलिकॉन इम्प्लांट, आर्टिफिशियल हम्प और ग्रोथ हार्मोन इंजेक्शन जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया था। ये सभी तरीके कॉम्पिटिशन के नियमों के खिलाफ हैं।
पहले, ऊंट के मालिक ब्रीडिंग और देखभाल के ज़रिए ऊंटों की सुंदरता बढ़ाते थे, लेकिन अब इनामी रकम और ब्रीडिंग के अधिकार के लालच में आर्टिफिशियल तरीके आम हो गए हैं।
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी कि ये तरीके ऊंटों की सेहत के लिए खतरनाक हैं। फिलर्स से पुरानी सूजन हो सकती है, हार्मोन इंजेक्शन से प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, और बोटॉक्स से खाने-पीने की समस्याएं हो सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पांच साल पहले, अलग-अलग कॉस्मेटिक प्रोसीजर के कारण एक बड़े स्कैंडल में 43 ऊंटों को अयोग्य घोषित कर दिया गया था।













