आधी आबादी को पूर्ण लैंगिक समानता का वादा अब भी अधूरा है

लैंगिक समानता एक मौलिक मानव अधिकार है। यह ग़रीबी घटाने, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और लड़कों-लड़कियों की भलाई सुनिश्चित करने के…