उत्तर प्रदेश के चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा छाया रहा। राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने की बात कही है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी वादा कर रहे हैं कि उनकी सरकार आने पर पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाएगी। अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुरानी पेंशन स्कीम का ज़िक्र किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘विपक्षी दलों की ओर से पुरानी पेंशन स्कीम के मुद्दे को उठाया जा रहा है ताकि वे अपने दौर में हुई गलतियों और कुशासन की बात से लोगों का ध्यान हटा सकें। नई पेंशन स्कीम तो लागू ही यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौर में हुई थी। उसके बाद से अब तक तीन सरकारें जा चुकी हैं, इनमें से एक अखिलेश यादव की ही थी। यदि यह स्कीम गलत है तो फिर उन्होंने अब तक इसे बदला क्यों नहीं था। उन्होंने ऐसा नहीं किया और न ही कर सकते हैं।’ साथ ही योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘हमारी सरकार कर्मचारी यूनियनों के संपर्क में हैं।
नई पेंशन स्कीम में जो भी बदलाव किए जा सकेंगे। हम करेंगे।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में हमारी सरकार सबका साथ और सबका विकास की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि बिना किसी पक्षपात के समाज के सभी वर्गों तक लाभ पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे वर्ग हो सकते हैं, जिन्हें विकास का अधिक लाभ मिला हो। हम ऐसे वर्गों के लिए खास योजनाएं तैयार करेंगे, जिन्हें अब तक लाभ नहीं मिल पाया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- ‘हमारी सरकार कर्मचारी यूनियनों के संपर्क में हैं। हम उन्हें भरोसा दिलाने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में होंगे। नई पेंशन स्कीम में जो भी बदलाव किए जा सकेंगे। हम करेंगे।’