देश में इस समय आधे से अधिक ऑटो कंपनियां कर डिज़ायनिंग के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ले रही है। इसने कर डिज़ायनिंग की प्रक्रिया को तेज़ी देने के साथ एक नई रफ़्तार दी है। इस तकनीक पर कंपनियों का मानना है कि इनके बिना आगे बढ़ना मुश्किल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों का कहना है कि अब इनके बिना आगे बढ़ना मुश्किल है। भारतीय कंपनियों ने अपने डिजाइन वर्कफ्लो में एआई को पूरी तरह शामिल कर लिया है।ये कंपनियां एआई के माध्यम से मुख्य रूप से जेनरेटिव डिजाइन एल्गोरिदम और डिजिटल प्रोटोटाइपिंग यानी डिजिटल मॉडल बनाने पर फोकस कर रही हैं।
भारतीय ऑटोमोटिव डिजाइन टीमें इसे कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) और डिजिटल सर्फेसिंग मतलब 3D मॉडल तैयार करने की प्रक्रिया के साथ जोड़ रही हैं। इस प्रक्रिया में गाड़ियों की स्टाइलिंग और मॉडलिंग जैसे कामों को बेहद कम समय में पूरा करना सम्भव हुआ है।
कारोबारी ख़बरों के मुताबिक़, भारत में इस समय लगभग 57 फीसद भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां कार की डिजाइनिंग के मामले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर हैं। एआई के इतने बै पैमाने पर प्रयोग का नतीजा है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिल रहा है।
रिपोर्ट्स बताती है कि अभी तक गाड़ियों में एआई का प्रयोग केवल सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक या फिर स्मार्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम में नज़र आता था लेकिन, अब इसका प्रयोग कार के डिजाइन और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी बढ़ गया है।
भारतीय बाज़ार के हवाले से एक हालिया रिपोर्ट्स बताती है कि देश की लगभग 57 फीसद ऑटोमोबाइल कंपनियां कार डिजाइनिंग, एयरोडायनामिक्स और प्रोटोटाइपिंग जैसे कामों के लिए एआई का इस्तेमाल कर रही हैं।
खबर के मुताबिक़, किसी नई गाड़ी के स्क्रैच से लेकर उसके 3D मॉडल या फिर सड़कों पर उतरने वाले प्रोटोटाइप तैयार करने में अभी तक लंबा समय लग जाता था। मगर अब आर्टिकल इंजेलीजेंस से इस प्रक्रिया में तेज़ी आई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑटोडेस्क द्वारा जारी साल 2026 की स्टेट ऑफ डिजाइन एंड मेक रिपोर्ट बताती है कि 85 प्रतिशत भारतीय कंपनियां मानती हैं कि बिजनेस को बढ़ाने के लिए डिजिटल टूल्स बेहद जरूरी हैं। यही नहीं, करीब 64 फीसद कंपनियां एआई को अपने काम में इस्तेमाल करने के लक्ष्य के बहुत करीब हैं या फिर इस लक्ष्य को हासिल कर चुकी हैं। ये नतीजे बताते हैं कि वर्तमान में आधे से ज्यादा कंपनियां एआई तकनीक का सहारा ले रही हैं।
हालाँकि, इस काम ने बड़े पैमाने पर कार डिजाइनिंग में एआई को शामिल कर लिया है, जिससे यह सवाल भी सामने आ रहा है कि क्या ह्यूमन डिजाइनर्स की भूमिका खत्म हो जाएगी? मगर इसके जवाब में एक्सपर्ट का कहना है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल मार्केट है जहाँ छोटी बजट कारों से लेकर बड़ी और लग्जरी गाड़ियों के ग्राहक हैं।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि ऑटोमोबाइल कंपनी देश में विभिन्न सेगमेंट में कई लॉन्च करती हैं, जो हर प्रकार के ग्राहकों को आकर्षिक कर सकें। ऐसे में ह्यूमन डिजाइनर्स एआई की मदद से गाड़ियां डिजाइन कर रहे हैं, ताकि विभिन्न तरह के ग्राहकों के लिए अलग-अलग सेगमेंट की गाड़ियां तैयार की जा सकें