इस साल के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा जारी है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने इस वर्ष का फिजिक्स का नोबल प्राइज फ्रांसिस हैल्जेन को देने का फैसला किया है।
अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, उन्हें यह सम्मान ‘आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में अहम योगदान और एस्ट्रोफिजिकल मूल वाले हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो की खोज’ के लिए दिया जा रहा है।
बेल्जियम में जन्मे फ्रांसिस हैल्जेन की उम्र 82 वर्ष है और वह यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन से जुड़े हुए है। उन्हें यह पुरस्कार अंतरिक्ष से धरती तक आने वाले बेहद ताकतवर न्यूट्रिनो को पकड़ने और उनके बारे में पता लगाने के महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जा रहा है। हैल्जेन ने दक्षिणी ध्रुव की बर्फ में न्यूट्रिनो पकड़ने वाली आइसक्यूब ऑब्जर्वेटरी बनाने का विचार दिया था।
स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की ओर से इन पुरस्कारों की घोषणा की जा रही है। इस साल पुरस्कार की राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर है जो लगभग 1.2 मिलियन डॉलर है। इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है।
याद दिला दें कि पिछले वर्ष भौतिकी का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला था। उन्होंने ‘क्वांटम टनलिंग’ नाम की सब-एटॉमिक कणों की अजीब हरकत पर रिसर्च की थी। इसी रिसर्च की वजह से एमआरआई मशीनों से बहुत सटीक माप संभव हो पाया और बेहतर सेलफोन व तेज कंप्यूटर बनाने का आधार तैयार हुआ।
इस साल के पुरस्कारों की घोषणा मेडिसिन में नोबेल पुरस्कार के साथ शुरू हुई। यह पुरस्कार भी तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन तीनों के सहयोग से एक ऐसा टूल बना है जो प्रकाश का इस्तेमाल करके यह समझने में मदद करता है कि दिमाग कैसे काम करता है।
गौरतलब है कि दिसंबर में नोबेल पुरस्कार के विजेताओं को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि दी जाएगी।