भारत खिलाड़ियों ने महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में बांग्लादेश को आसानी से हरा दिया। सात बार की चैंपियन भारतीय टीम ने इस जीत के साथ फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल मैच में भारत का मुकाबला 11 सितंबर को श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।
बांग्लादेश की टीम ने टॉस जीतने के बाद भारतीय टीम को बल्लेबाज़ी सौंपी। भारतीय खिलाड़ियों की शुरुआत अच्छी नहीं थी और ख़राब बल्लेबाजी के बावजूद टीम ने 6 विकेट पर 149 रन बनाए। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेशी टीम 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी।
भारत के लिए खेलते हुए सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 64 रन के साथ अर्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने 40 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके और तीन छक्के लगाए। शेफाली को इस पारी में तीन बार जीवनदान भी मिला।
सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना का खेल निराशाजनक रहा और वह शुरू में ही आउट हो गईं। स्मृति सिर्फ दो रन ही बना सकीं। ऑफ स्पिनर सुल्ताना खातून की गेंद पर स्मृति ने बड़ा शॉट लगाना चाहा मगर टाइमिंग ठीक न होने के कारण मिडऑन पर शोर्ना अख्तर ने आसान कैच लेकर उन्हें आउट कर दिया। इस मैच में बचकानी हरकत करते हुए बांग्लादेश की शोर्ना अख्तर ने कैच लेने के बाद स्मृति मंधाना को चिढ़ाने की कोशिश की।
स्मृति का कैच लेने के बाद उन्होंने चुप रहने का इशारा किया और दूसरे हाथ को ऊपर उठाकर सेलिब्रेट की मुद्रा बनाई। इसके बाद भारतीय टीम के तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा ने भारत के लिए पारी का आखिरी ओवर डाला। इस समय तक टीम की जीत पक्की हो गई थी। उनकी गेंद पर फाहिमा खातून ने प्रेमा रावत को कैच दे दिया। विकेट मिलने के बाद नंदनी में भी बिल्कुल शोर्ना अख्तर जैसा सेलिब्रेशन दोहराया। खास बात यह रही कि उस वक़्त शोर्ना नॉन स्ट्राइकर एंड पर ही खड़ी थीं।
शुरू से ही इस लक्ष्य का पीछा करना बांग्लादेश की टीम के लिए मुश्किल नज़र आ रहा था। टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी। बांग्लादेश की तरफ से शोर्ना अख्तर नाबाद 22 रन बनाकर शीर्ष स्कोर रहीं। बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर ने 21 और कप्तान निगार सुल्ताना ने 19 रन बनाए।
गेंदबाज़ी करते हुए भारती की तरफ से स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिये जबकि श्री चरणी और प्रेमा रावत को एक-एक विकेट मिला। नंदनी शर्मा ने दो विकेट हासिल किए।
बताते चलें कि महिला एशिया कप के दसवें संस्करण में भारतीय टीम ने दसवीं बार फाइनल में जगह बनाई है। भारतीय टीम अब तक सात बार टूर्नामेंट जीत चुकी है। फाइनल में 13 सितंबर को हरमनप्रीत कौर की टीम का सामना पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेले जाने वाले सेमीफाइनल-2 की विजेता टीम से होगा।