उत्तर प्रदेश में बारिश अपने औसत को पार कर चुकी है। मौसम विभाग के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि इस मानसून में अभी तक 100.3 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।
अभी भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विज्ञान विभाग ने लखनऊ में आज कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने के साथ दिन में गरज चमक और बारिश के जारी रहने की बात कही है। यहाँ अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
यूपी में 24 घंटे के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादा इलाकों में मौसम सूखा रहा। विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटों तक बादल गरजने और बिजली गिरने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की बात कही है। उसके बाद इसमें उत्तरोत्तर कमी आने की भी उम्मीद जताई गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स में अलनीनो के कारण मानसून के कमजोर रहने की बात कही जा रही थी मगर इस बीच बार-बार बने कम दबाव की सक्रियता ने इस अनुमान को गलत साबित कर दिया।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुतबिक, उत्तर प्रदेश में मानसून के शुरूआती दौर के कमज़ोर होने के कयास लगाए जा रहे थे, वहीँ अगस्त आने तक स्थिति ऐसी हुई कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान गलत साबित हुए।
कम बारिश की आशंका वाले अलनीनो के प्रभाव को बेअसर करते हुए इस मानसून ने न सिर्फ प्रदेश में सामान्य बारिश की कमी को पूरा किया बल्कि शत प्रतिशत का आंकड़ा पार कर लिया है।
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में पहली जून से आठ सितंबर तक 649.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जबकि सामान्य बारिश 647.3 मिलीमीटर होती है। बारिश की यह मात्रा बताती है कि अब तक 100.3 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।
गौरतलब है कि अभी सितंबर का आधे से ज्यादा समय बाकी है। अलनीनो की सक्रियता के चलते जून से सितंबर के बीच देश में दीर्घकालिक औसत की करीब 90 प्रतिशत बारिश का पूर्वानुमान था। हालाँकि मानसून के शुरुआत यानी जून जुलाई में बारिश कम हुई।
अगस्त में हालत बिलकुल बदल गए। कम दबाव के क्षेत्रों और मानसून के लगातार सक्रिय रहने से प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश हुई। प्रदेश में अगस्त माह में 291.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि सामान्य बारिश 235.5 मिलीमीटर है।
आंकड़े बताते हैं कि अगस्त महीने में होने वाली बारिश सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक रही। इस साल का अगस्त, 2018 के बाद सबसे अधिक बारिश वाले अगस्त में दूसरे स्थान पर रहा। साल 2018 के अगस्त महीने में 293.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स से यह भी सामने आया है कि प्रदेश का औसत आंकड़ा सामान्य से कुछ ऊपर होने के बाद भी जिलों में बारिश का वितरण असमान रहा। जहाँ चित्रकूट में 1201.1 मिलीमीटर बारिश प्रदेश में सर्वाधिक नपी गई कुशीनगर में होने वाली 204.6 मिलीमीटर बारिश सामान्य से करीब 67 प्रतिशत कम रही। मऊ इलाके में होने वाली बारिश भी 53 प्रतिशत कम बताई जा रही है। कई अन्य जिले भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।