नेपाल में बाढ़ से हुई तबाही के चलते हालात बहुत खराब है। ऐसे में अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से नेपाल की सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।
इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करते हुए मनीषा कोइराला ने कहा कि वे एकजुट हों और नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पहाड़ी इलाके में 26 अगस्त को आई भयानक बाढ़ से प्रभावित नेपाल की मदद करें। मनीषा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी आगे आने और नेपाल की कई तरह से सहायता करने की अपील की, जिसमें देश का दौरा करना और इसके टूरिज़्म उद्योग में योगदान देना शामिल है, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका को सहारा मिलेगा।
बाढ़ के बाद रविवार को काठमांडू में सद्गुरु के ‘इन सॉलिडैरिटी विद नेपाल’ (नेपाल के साथ एकजुटता) कार्यक्रम में बात करते हुए मनीषा ने तीन देशों- भारत, चीन और नेपाल – से अपील की कि वे साथ आएं और भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए ग्लोबल वार्मिंग से निपटने की दिशा में काम करें।
मनीषा ने ‘ग्लोबल वार्मिंग की सच्चाई को सामने रखते हुए गुज़ारिश की कि इंसान और अच्छे पड़ोसी होने के नाते, चीन, भारत और नेपाल किसी तरह इसमें हाथ मिलाएं और कुछ करें। आगे उन्होंने कहा कि हम एक-दूसरे से बहुत जुड़े हुए हैं, इसलिए हमें ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा, नेपाल सीमा के पास एक आपदा आई है, लेकिन टूरिज़्म हमारी जीवनरेखा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक बार फिर नेपाल की यात्रा करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि हमें टूरिज़्म की ज़रूरत है।
मनीषा का कहना था कि हम सिर्फ़ ऐसे देश के तौर पर नहीं जाने जाना चाहते जो आपदाओं से भरा हो या लगातार मुश्किलों का सामना कर रहा हो। उनके मुताबिक़, वह अपने खूबसूरत मौसम, हिमालय, बेहतरीन लोगों, प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं के लिए जाने जाना चाहते हैं।
गौरतलब है कि बुधवार को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास पहाड़ी इलाकों में बाढ़ आई, जिससे भारी तबाही हुई और नौ सौ से अधिक लोगों की जान गई। प्रभावित इलाकों के लोग बाढ़ के बाद की मुश्किलों से जूझ रहे हैं।