पसंद के मामले में टॉप पर आईआईटी बॉम्बे और सबसे अंतिम जम्मू

इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा ‘जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम’ 17 मई को आयोजित हो रही है। टॉप एक हज़ार वाले विद्यार्थियों की बात करें तो विश्लेषण बताता है कि 11 आईआईटी को प्राथमिकता मिली। इनमें सबसे पहले मुंबई, इसके बाद दिल्ली, मद्रास, कानपुर, खड़गपुर, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी, वाराणसी और गांधीनगर और इंदौर शामिल है। वहीँ रोपड़, तिरुपति और पटना आईआईटी की पहली सीट 1500 से 2000 रैंक के बीच वाले कैंडिडेट ने चुन ली थी।

​ईटीवी भारत के एक विश्लेषण के मुताबिक़, आज भी आईआईटी में प्रवेश लेने वाले ‘क्रीम’ स्टूडेंट्स की पहली और आखिरी पसंद ‘कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग’ (CSE) ही है। आंकड़ों के अनुसार, देश की 23 में से 21 आईआईटी (यानी करीब 91 फीसदी) में छात्रों ने सबसे पहले कंप्यूटर साइंस ब्रांच को ही चुना है।

देश की 23 आईआईटी की लगभग 18,000 से अधिक सीटों पर प्रवेश के लिए इस परीक्षा के ज़रिए छात्र प्रवेश पा सकेंगे। नियमों के मुताबिक, कुल सीटों के मुकाबले करीब ढाई से तीन गुना अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई घोषित किया जाएगा। इसके अगले चरण में जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (JoSAA) के माध्यम से छात्रों को उनकी रैंक और पसंद के आधार पर कॉलेज और ब्रांच दिया जाएगा।

विश्लेषण में दिलचस्प तथ्य यह सामने आया है कि केवल दो ही ऐसी आईआईटी रहीं, जहां छात्रों ने पहली सीट के रूप में किसी दूसरी ब्रांच को प्राथमिकता दी। इसमें आईआईटी पलक्कड़ में छात्रों ने ‘डाटा साइंस और इंजीनियरिंग’ को चुना जिसकी रैंक 6845 थी। जबकि आईआईटी जम्मू में ‘इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग’ पहली प्राथमिकता बनी।

मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि 2025 के काउंसलिंग डेटा के विश्लेषण जो आंकड़े पेश करते हैं, उसके मुताबिक़ विद्यार्थियों की चॉइस के आधार पर देखा जाए तो पहले नंबर पर आईआईटी बॉम्बे की कंप्यूटर साइंस ब्रांच का नाम आता है। दूसरी आईआईटी का दर्जा दिल्ली को मिला है जिसमे 24 रैंक वाले विद्यार्थियों ने दिलचस्पी दिखाई है। जबकि आईआईटी मद्रास को 79 रैंक वाले विद्यार्थी ने पसंद किया है। इसी क्रम में कानपुर को 147 और खड़गपुर व 238 रैंक वाले विद्यार्थी ने प्राथमिकता दी है।

विश्लेषण से पता चलता है कि निचली आईआईटी के लिए जम्मू का चुनाव विद्यार्थियों ने किया है। यह चुनाव 9759 रैंक पर विद्यार्थी द्वारा किया गया है। चुनाव के मामले छात्रों ने जम्मू से पहले पलक्कड़ आईआईटी को प्राथमिकता दी है। इस संसथान को 6845 रैंक वाले विद्यार्थीयों ने चुना है। वही प्राथमिकता क्रम में धरवाड़ आईआईटी में 4742 रैंक वाले, भिलाई के लिए 4662 रैंक वाले जबकि गोवा के लिए 4256 रैंक वाले विद्यार्थियों ने अपनी पसंद बनाया है।

ऋपोर्ट के आधार पर एकत्र जानकारी के अनुसार, शेष नो आईआईटी का चयन काफी निचली रैंक तक किया गया है। इनमें 2500 रैंक तक मंडी, धनबाद, जोधपुर और भुवनेश्वर का चुनाव पहली सीट के रूप में हुआ है। जबकि गोवा, भिलाई व धारवाड़ की पहली सीट का चयन 4200 से 4800 रैंक के बीच में हुआ है। इसके बाद पलक्कड़ की पहली सीट चयन 6845 और जम्मू का 9759 पर हुआ है।

इस रिपोर्ट से सामने आए कुछ और तथ्य इस प्रकार हैं-
टॉपर्स रैंक की बात की जाए तो जेईई एडवांस्ड की 20,792 रैंक पर भी ​आईआईटी वाराणसी (BHU) में बैचलर ऑफ़ आर्किटेक्चर की पांच साल के कोर्स में एडमिशन मिला।
बीटेक सीट की बात की जाए तो सबसे हाईएस्ट रैंक आईआईटी जम्मू में मटेरियल इंजीनियरिंग के बीटेक कोर्स में 18,156 रैंक तक छात्रों को दाखिला मिला। बीएचयू वाराणसी में फीमेल ओनली कोटे के तहत 28,481 रैंक पर भी आर्किटेक्चर कोर्स में एडमिशन हुआ।
आईआईटी जम्मू की सिविल इंजीनियरिंग सीट पर 26,767 रैंक तक वाली छात्राओं को आवंटित की गई।

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